कविता

कविता
शब्दों की महकती चहकती दलदल है

कविता
सिर के ठीक ऊपर सम्मोहक चट्टान है

कविता
बहुत लगन से बुनी गई मज़बूत रस्सी है

कविता
अर्थ और ध्वनि के बादलों की वैद्युत टकराहट है

कविता
घनघोर जंगल है जिसमें खो जाना आसान है

कविता
हहरा कर बहती नदी है जिसमें तैर पाना मुश्किल है

कविता
समझ की सबसे बड़ी दुश्मन है

कविता
समझ का एक और नाम भी है

 

[2009]

Author: anileklavya

मैं सांगणिक भाषाविज्ञान (Computational Linguistics) में एक शोधकर्ता हूँ। इसके अलावा मैं पढ़ता हूँ, पढ़ता हूँ, पढ़ता हूँ, और कुछ लिखने की कोशिश भी करता हूँ। हाल ही मैं मैने ज़ेडनेट का हिन्दी संस्करण (http://www.zmag.org/hindi) भी शुरू किया है। एक छोटी सी शुरुआत है। उम्मीद करता हूँ और लोग भी इसमें भाग लेंगे और ज़ेडनेट/ज़ेडमैग के सर्वोत्तम लेखों का हिन्दी (जो कि अपने दूसरे रूप उर्दू के साथ करोड़ों लोगों की भाषा है) में अनुवाद किया जा सकेगा।

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