गुलाबी कपड़ा

वात्स्यायन
खजुराहो
कोणार्क
विजयनगर

कालिदास
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रीति-काल
नायिका-भेद
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चरस-गांजा

नागा-बाबा

सोमरस
अप्सराएँ
नृत्य
देवी-देवता
देवगुरू
शिव-शक्ति मिलन
सृष्टि का रहस्य

स्वर्ग
सुना है
आर्यावर्त में
एक अच्छी जगह है
अफ़सोस मगर
पहुँच से बाहर है
और दरवाज़े के बाहर
लाशें यहाँ-वहाँ पड़ी हैं
मरियल शरीरों का मजमा है
बीमारों की भारी भीड़ है
और है संस्कृति का उधार लिया
फटा ढोल बजाते
रक्षकों-भक्षकों दंगाइयों का जुलूस
जिनकी पहुँच ओबामा तक फैली है
और जिनकी सोच ओसामा से मिलती है

गुलाबी कपड़ा
उन्हें कुछ याद दिलाने की
एक खीजी हुई
कोशिश हो सकती है

 

[2009]